सपने
कुछ ख्वाहिशे कुछ सपने, युही छूट जाते है
किसी और जगह, किसी और वक़्त कि तलाश में बिछड़ जाते है
Shayari has been an integral part of my life for the last 30+ years. Welcome to a collection of my very own original Shayaris.
कुछ ख्वाहिशे कुछ सपने, युही छूट जाते है
किसी और जगह, किसी और वक़्त कि तलाश में बिछड़ जाते है
हर सवाल के नसीब में, जवाब नहीं होता
समंदर में तैरने वाली हर चीज़ का मकाम, साहिल नहीं होता,
मेरे बीते हुए कल से, मेरा नाम ना पूछो
जो बीत गयी वहाँ, मेरा हाल ना पूछो
ज़िक्र गलती से हुआ, ये भी कुछ कम नहीं
वरना दुनिया में होकर भी, इस दुनिया के नहीं थे ..
क्यों करे ज़िन्दगी से, उम्मीद कोई
और उसके टूटने तक, कोशिशें नयी,
रोज क्या लिख्खे ज़िन्दगी के पन्नो पर,
एक किताब है ये.. कहीं खाली ना रह जाए..
कौन कहेता हैं के हौसले बुलंद नही
या नही हैं इरादे जवां
कुछ देर ही सही
ये ज़िन्दगी अपनी मनमानी छोड़ तो दे ..!
When you grow up, my son..
I hope you seek answers..
The ‘Why’s behind my ‘No’s, the ‘Plea’s behind my orders..
And the subject of my endless prayers..
प्रत्येकाचं एक जग असतं,
मऊ उबदार पांघरुणात विसावलेलं
तसा मी खूपच bore होतो
थोडा shy आणि, थोडा… bore च होतो !!
मत हस मेरे हालपे ऐ खुदा
दिल को अब इसकी आदत पड़ गयी है ,
अब तो मैं उस पत्थर पे हँसता हूँ
जिसने मुझे चोट देकर अपना वक़्त बरबाद किया
लोग फूलों की बाते करते है, तो सोचता हूँ,
कुछ काटों से ही सही, जिंदगी बस खाली ना रहे..
बोरीवलीहून गाडी निघाली
मग आली कांदिवली