कल
मेरे बीते हुए कल से, मेरा नाम ना पूछो
जो बीत गयी वहाँ, मेरा हाल ना पूछो
मैं कल के किसी रास्ते पर, कही घायल पड़ा था
मुझे आज उस चोट का, मरहम ना पूछो
क्यूँ याद करुँ, मैं वोह पुराने आंसू
मुझे आज उन आंसूओंकी, वजह ना पूछो
भूल चूका हूँ मैं, आज जिन लम्होंको
उन्ही लम्होंसे अब, मेरा पता ना पूछो
जो मैंने तब चाहा, वोह कुछ भी तो नहीं था
उसे न पाकर मैंने क्या खोया, ये आज ना पूछो
मंज़ूर है के ज़िन्दगी, किसी बन्दे को कम देती है
लेकिन आज उस बन्दे से, इसकी वजह ना पूछो …
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